| कादियां में अहमदिया वार्षिक समारोह के दूसरे दिन विभिन्न धर्मों व राजनितिक पार्टीओं के वक्ता संबोधन करते हुए तथा कड़ी ठंड व घने कोहरे में उपस्थित श्रद्धालु। (ज़ीशान) |
कादियां, 27 दिसंबर (ज़ीशान) – कादियां में जारी अहमदिया मुस्लिम जमात के 130वें अंतरराष्ट्रीय जलसा सालाना के दूसरे दिन विभिन्न वक्ताओं ने अपने संबोधनों में विश्व शांति, पारिवारिक सुधार, दावत-ए-इलल्लाह और ख़िलाफ़त से जुड़ाव पर ज़ोर दिया। पहले सत्र की अध्यक्षता मुनीर अहमद हाफ़िज़ाबादी और दूसरे सत्र की अध्यक्षता सैयद तनवीर अहमद एडवोकेट ने की।
मौलाना शमीम अहमद ग़ौरी ने हज़रत मोहम्मद साहिब के मानने वालों की कुर्बानियों को याद करते हुए ईमान, सब्र और क़ुरबानी अपनाने का संदेश दिया। मौलाना मुज़फ़्फ़र अहमद नासिर ने इस्लामी शिक्षाओं की रोशनी में पारिवारिक जीवन को संवारने पर बल दिया। मौलाना नासिर अहमद ने दावत-ए-इलल्लाह को वर्तमान वैश्विक संकट का एकमात्र समाधान बताया। मौलाना अता-उल-मुजीब लोन ने ख़िलाफ़त अहमदिया से मज़बूत संबंध को आध्यात्मिक उन्नति की कुंजी बताया, जबकि ज्ञानी मुबश्शिर अहमद ख़ादिम ने "सबसे प्रेम, किसी से नफ़रत नहीं" के संदेश को मानवता और शांति का आधार बताया।
इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक शख्सियतों और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने अतिथि के रूप में शिरकत की।
जिस में श्रीमाँ आरती देवा जी महाराज परम् संत अद्वैत स्वरूप अमृतसर, स्वामी डॉ सतप्रीत हरी जी, मर्जबान नारीमन ज़ाईवल्ला ट्रस्ट पारसी दिल्ली, श्री गुरु नानक देव जी की 16 वीं संतान बाबा सुखदेव सिंह बेदी, बाबा लोकदीप सिंह घुम्मन, भाई कन्हैया ट्रस्ट के संत बाबा गुरप्रीत सिंह (लुधियाना), स्वामी डॉक्टर सुखप्रीत सिंह हरि, बाबा संतोख सिंह कारसेवा वाले, डॉ शहबाज़ सिंह चीमा, जगरूप सिंह सेखवां आप हलका इंचार्ज कादियां ने भी अपने अपने धर्मों के अनुसार प्रेम, सौहार्द और भाईचारे सांझ को बढ़ाते हुए समाज में अमन-शांति बनाए रखने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।