| कादियां में अहमदिया समारोह में सम्बोधन करते वक्ता, उपस्थिति। (ज़ीशान) |
कादियां, 26 दिसंबर (ज़ीशान) – अहमदिया मुस्लिम जमात भारत के केंद्र कादियां में 130वां तीन दिवसीय जलसा सालाना आज 26 दिसंबर से 28 दिसंबर तक तिलावत-ए-कुरआन, ध्वज लहराने और दुआ के साथ आरंभ हुआ। यह आध्यात्मिक सम्मेलन 1891 में जमात के संस्थापक हज़रत मिर्ज़ा गुलाम अहमद कादियानी द्वारा आपसी शांति, भाईचारे और अंतरधार्मिक सद्भाव के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
समारोह का मुख्य उद्देश्य ईश्वर की पहचान, नैतिक व आध्यात्मिक सुधार, आपसी प्रेम, सहानुभूति और विश्व शांति का संदेश देना है। इस अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
उद्घाटन सत्र में रफ़ीक़ अहमद मालाबारी ने जलसा की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डाला। मौलाना मोहम्मद हमीद कौसर ने "नबियों की विजय जिन्दा खुदा का होना" विषय पर, मौलाना मोहम्मद इनाम गौरी ने धार्मिक सहिष्णुता व स्वतंत्रता पर, मौलाना हाफ़िज़ मख़दूम शरीफ़ ने इश्क़-ए-इलाही के विषय पर और मौलाना मुनीर अहमद ख़ादिम ने हज़रत मसीह मौऊद के स्थान व महत्व पर विचार रखे।
समारोह को आध्यात्मिक मंच बताया गया जहां विभिन्न धर्मों के बीच शांति, प्रेम और मानवता के संदेश को बढ़ावा दिया जाता है।