कादियां, 28 दिसंबर (ज़ीशान) – जमात अहमदिया के 130वें वार्षिक सम्मेलन का सफल और आध्यात्मिक समापन विश्व शांति भाईचारे की हुआ से हुआ। तीन दिवसीय जलसे का केंद्रीय आकर्षण इमाम जमात अहमदिया हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद का प्रेरणादायक संबोधन रहा, जो ब्रिटेन से सीधे एमटीए के माध्यम से प्रसारित हुआ और पूरी दुनिया में सुना गया। अपने संबोधन में उन्होंने आपसी प्रेम, भाईचारा, त्याग, आवश्यकता पड़ने पर अपने अधिकार छोड़ने की भावना और विश्व शांति के लिए विशेष दुआ पर जोर दिया। जलसे की कार्यवाहियों का विभिन्न क्षेत्रीय और विदेशी भाषाओं में अनुवाद भी किया गया।
आज के पहले सत्र में हाफ़िज़ सैयद रसूल नियाज़ ने क़ुरआन शरीफ़ को सच्ची सफलता और मोक्ष का स्रोत बताते हुए उस पर अमल को दुनिया और आख़िरत की कामयाबी का मार्ग बताया।
मौलाना के. तारिक़ अहमद ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग से बचने और ख़िलाफ़त अहमदिया के मार्गदर्शन में उसके सकारात्मक, धार्मिक और प्रशिक्षणात्मक उपयोग पर बल दिया।
मौलाना अता उल्लाह नुसरत ने वित्तीय क़ुर्बानी को ईमान और अल्लाह पर भरोसे की व्यावहारिक मिसाल बताते हुए उसकी आध्यात्मिक और सांसारिक बरकतों का उल्लेख किया।