सोने की खरीद कम करने की अपील पर बहस तेज, कश्मीर सिंह राजपूत ने उठाए सवाल

Uploaded Image
अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कश्मीर सिंह राजपूत। (ज़ीशान)

कादियां, 11 मई (ज़ीशान): प्रधानमंत्री नरिंदर मोदी द्वारा देशवासियों से सोने की खरीद कम करने की अपील के बाद इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि इससे सोने के आयात पर निर्भरता कम होगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इस बीच अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कश्मीर सिंह राजपूत ने प्रेस नोट जारी कर इस अपील पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सोना केवल लग्ज़री नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और परंपरा का हिस्सा है, खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण परिवारों के लिए।
राजपूत ने कहा कि जब भी आर्थिक चुनौतियां आती हैं, त्याग की अपेक्षा आम जनता, छोटे व्यापारियों और स्वर्णकारों से की जाती है, जबकि नेताओं और व्यवस्था के खर्चों पर कोई स्पष्ट नियंत्रण नहीं दिखता। उन्होंने मांग की कि यदि जनता से त्याग की अपील की जा रही है, तो जनप्रतिनिधियों के खर्चों, भत्तों और सुविधाओं की भी समीक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि सोने की खरीद कम करने की अपील का सीधा असर छोटे सर्राफा व्यापारियों और कारीगरों पर पड़ेगा, जो इस उद्योग पर निर्भर हैं। ज्वेलरी सेक्टर लाखों लोगों को रोजगार देता है, ऐसे में किसी भी नीति या अपील का असर व्यापक स्तर पर पड़ेगा।
कश्मीर सिंह राजपूत ने सरकार से मांग की कि स्वर्णकार समाज, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के साथ संवाद कर संतुलित नीति बनाई जाए, ताकि आर्थिक सुधार के साथ-साथ लोगों के रोजगार और परंपराओं की भी सुरक्षा हो सके।
इस मुद्दे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आर्थिक जिम्मेदारी केवल आम जनता पर ही होनी चाहिए या इसमें सभी वर्गों की समान भागीदारी जरूरी है।   

Post a Comment

© Qadian Times. All rights reserved. Distributed by ASThemesWorld