| कादियां में पंडित लेखराम के शहीदी सम्मेलन में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए वक्ता। (ज़ीशान) |
कादियां, 7 मार्च (ज़ीशान) – अमर शहीद पंडित लेखराम जी का 129वां शहीदी सम्मेलन कादियां में श्रद्धांजलि सभा के साथ सम्पन्न हुआ। छह दिनों तक चले इस सम्मेलन में उनके जीवन, बलिदान और धर्म के प्रति समर्पण को याद किया गया।
वक्ताओं ने बताया कि पंडित लेखराम आर्य समाज के प्रमुख प्रचारकों में से थे। उनका जन्म 1858 में हुआ था और उन्होंने अपना पूरा जीवन सनातन धर्म तथा वैदिक विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया। वे निर्भीक वक्ता और विद्वान लेखक थे, जिन्होंने समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने अनेक स्थानों की यात्राएं कीं और अपने प्रखर भाषणों से लोगों को जागरूक किया। अंततः 6 मार्च 1897 को धर्म की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान देते हुए शहीदी प्राप्त की।
सम्मेलन में उनके साहस, त्याग और सत्य के प्रचार के लिए किए गए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर दनेरा मठ के आचार्य श्री अग्नि देव, दयानंद मठ दीनानगर के श्री बलविन्द्र कुमार, जतिंदर कुमार शास्त्री और ब्रह्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में लेखराम स्मारक मंडल के प्रधान नवदीप अबरोल, रमेश भंडारी, सुरिंदर कुमार आर्य, जनक राज गुप्ता, अरुण अबरोल, डॉ. मंगत राम, राजिंदर कुमार गुप्ता बब्बी, आर्य समाज के प्रधान संजीव कुमार, पूर्व प्रधान विद्या सागर तथा महिला विंग की सदस्याएं मौजूद रहीं।
इसके अलावा शिव कुमार, राहुल, नरेश चोपड़ा, बलदेव राज मरवाहा, अंकित भाटिया सहित वेद कौर कन्या पाठशाला, दयानंद ऐंग्लोवैदिक पाठशाला और डी.ए.वी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल का स्टाफ भी उपस्थित रहा। आर्य समाज के अमृतसर, जालंधर, जंडेयाला गुरु, गुरदासपुर, बटाला, ब्यास, दीनानगर, बरनाला, सुजानपुर और पठानकोट से भी प्रधान और अन्य आर्य अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।