सी.बी.एस.ई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली पर उठे सवाल, शर्मा ने विद्यार्थियों को इंसाफ देने की मांग की

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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार, नेशनल अवार्डी रिटायर्ड प्रिंसिपल एम.एल. शर्मा। (ज़ीशान)

कादियां, 27 मई (ज़ीशान) – पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार, नेशनल अवार्डी रिटायर्ड प्रिंसिपल एम.एल. शर्मा ने सी.बी.एस.ई की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि इस बार लागू की गई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थियों और अभिभावकों ने उत्तर पुस्तिकाओं के धुंधले स्कैन, गलत कॉपियां अपलोड होने तथा तकनीकी खामियों की शिकायतें की हैं।
एम.एल. शर्मा ने कहा कि सी.बी.एस.ई द्वारा इस वर्ष पहली बार बड़े स्तर पर ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू की गई, लेकिन यह प्रयोग विवादों में घिर गया है। सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि कुछ विद्यार्थियों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाएं बदली होने के आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सी.बी.एस.ई को जल्द फैसला लेना चाहिए। शर्मा ने सुझाव दिया कि या तो उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा पारंपरिक तरीके से जांच करवाई जाए, या परिणामों को मॉडरेट किया जाए अथवा विद्यार्थियों को ग्रेस मार्क्स देकर राहत प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को अगले कोर्सों में दाखिला लेने में आसानी होगी।
उल्लेखनीय है कि सी.बी.एस.ई ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली सुरक्षित है तथा किसी प्रकार की सुरक्षा सेंध नहीं लगी। बोर्ड ने यह भी कहा है कि विद्यार्थियों की शिकायतों का समाधान नियमानुसार किया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष परिणामों में गिरावट और तकनीकी समस्याओं के कारण विद्यार्थियों तथा अभिभावकों में चिंता बढ़ी है। इसी कारण मॉडरेशन और ग्रेस मार्क्स को लेकर बहस तेज हो गई है।

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