कादियां, 24 मई (ज़ीशान): अहमदिया मुस्लिम जमात के विश्व प्रमुख हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद ने लंदन में 19वें राष्ट्रीय शांति संगोष्ठी में वैश्विक शांति स्थापित करने के लिए पूर्ण न्याय को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि विश्व में बढ़ते संघर्षों और युद्धों का मुख्य कारण न्याय की कमी और शक्तिशाली देशों की स्वार्थपूर्ण नीतियां हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो दुनिया बड़े विनाश की ओर बढ़ सकती है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहरे मापदंडों और कानूनों की अनदेखी पर भी चिंता जताई।
अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युद्ध किसी धर्म से नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक स्वार्थों और लालच से प्रेरित हैं। उन्होंने विश्व नेताओं से अपील की कि वे मतभेद छोड़कर शांति और न्याय को प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम में विभिन्न देशों के 600 से अधिक प्रतिनिधि, सांसद और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस अवसर पर “अहमदिया मुस्लिम शांति पुरस्कार 2025” श्री ग्रेगोआर अहोंग्बोनोन, संस्थापक सेंट कैमिल को प्रदान किया।
अंत में हज़रत मिर्ज़ा मसरूर अहमद ने कहा कि यदि मानवता को बचाना है तो सभी को मिलकर अभी कदम उठाने होंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित दुनिया मिल सके।
