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| नेशनल अवार्डी प्रिंसिपल, पूर्व सलाहकार मुख्यमंत्री पंजाब एवं एस.एस. बाजवा मेमोरियल पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर एम.एल. शर्मा |
कादियां, 25 जुलाई (ज़ीशान) - नेशनल अवार्डी प्रिंसिपल, पूर्व सलाहकार मुख्यमंत्री पंजाब एवं एस.एस. बाजवा मेमोरियल पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर एम.एल. शर्मा ने एक बयान में कहा कि पंजाब के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे भी पंजाब के ही हैं। उनके माता-पिता भी अन्य लोगों की तरह पंजाब सरकार को टैक्स देते हैं। इसलिए सरकार की जिम्मेदारी केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की भी समान रूप से सहायता करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब के प्राइवेट स्कूल बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में किसी से पीछे नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सच है कि पंजाब सरकार इन स्कूलों को एक पैसे की भी सहायता नहीं देती। इसके बावजूद सरकार ऐसे नियम बनाकर उन्हें तरह-तरह से परेशान करती रहती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में यह फैसला लिया गया है कि स्कूल केवल 5 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि कर सकते हैं, जो हास्यास्पद है। प्राइवेट स्कूलों की प्रबंधक समितियां इतनी कम वृद्धि के साथ स्टाफ को वार्षिक वेतन वृद्धि कैसे देंगी? उन्होंने कहा कि स्कूलों के अन्य कई खर्च भी होते हैं, जिन्हें इस सीमित वृद्धि के साथ पूरा करना संभव नहीं है। इस बारे में सरकार ने बिल्कुल भी विचार नहीं किया। देखने में ऐसा लगता है कि सरकार इन स्कूलों को बंद ही करवाना चाहती है। उन्होंने कहा कि पहले भी पंजाब सरकार ने सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूलों को लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंचा दिया था। इसका पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ा। सरकार को समझना चाहिए कि ऐसे स्कूल बंद नहीं होने चाहिए, बल्कि उन्हें सहयोग दिया जाना चाहिए ताकि वे और बेहतर शिक्षा प्रदान कर सकें। उन्होंने अंत में कहा कि यदि पंजाब सरकार प्राइवेट स्कूलों को लगातार बंद करने की कोशिश करेगी, तो इसका सबसे अधिक नुकसान पंजाब और उसके बच्चों के भविष्य को होगा। इसलिए सरकार को प्राइवेट स्कूलों की सहायता करनी चाहिए, न कि उन्हें परेशान करना चाहिए। पंजाब सरकार को चाहिए कि वह किसी न किसी रूप में प्राइवेट स्कूलों की सहायता करे, ताकि उनका हौसला बढ़े और पंजाब के सभी बच्चे अच्छी शिक्षा का लाभ ले सकें। उन्होंने सरकार से इन बातों पर विशेष ध्यान देने का निवेदन किया।
